कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से सोमवार को प्रस्तावित 'चलो संसद' मार्च को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं. खुफिया एजेंसियां और दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. भीड़ की संख्या, प्रदर्शन स्थल पर आने-जाने वाले लोगों और रातभर रुकने वाले प्रदर्शनकारियों की जानकारी हर घंटे वरिष्ठ अधिकारियों के साथ साझा की जा रही है.

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नई दिल्ली जिले को 15 जोन में बांटा गया
दिल्ली पुलिस सोमवार सुबह चार बजे से पूरी तरह हाई अलर्ट पर रहेगी. सुरक्षा व्यवस्था के तहत नई दिल्ली जिले को 15 जोन में बांटा गया है. प्रत्येक जोन में वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी रहेगी. स्पेशल सीपी, जॉइंट सीपी और डीसीपी रैंक के अधिकारी अलग-अलग क्षेत्रों की जिम्मेदारी संभालेंगे.

अर्धसैनिक बलों की 25 से अधिक बटालियन तैनात
सुरक्षा व्यवस्था के लिए दिल्ली पुलिस के साथ केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की 25 से अधिक बटालियन भी तैनात की जाएंगी. कुल मिलाकर पांच हजार से ज्यादा पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवान ड्यूटी पर रहेंगे. महिला पुलिसकर्मियों की भी पर्याप्त तैनाती की गई है.

पुलिस को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी तरह की हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़, लूटपाट या असामाजिक गतिविधि पर तुरंत और सख्ती से कार्रवाई की जाए. प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए हर संवेदनशील इलाके पर विशेष नजर रखी जाएगी.

इन क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा कड़ा किया जाएगा
सुरक्षा के लिहाज से विजय चौक, प्रधानमंत्री आवास, गृह मंत्री आवास, सेवा तीर्थ, सेल्फी पॉइंट, ट्रांसपोर्ट भवन, संसद मार्ग, राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट और आसपास के पूरे इलाके में किसी भी प्रकार की भीड़ या प्रदर्शन की अनुमति नहीं होगी. इन क्षेत्रों में सुरक्षा घेरा और कड़ा किया जाएगा.

वज्र वाहन, वाटर कैनन तैनात
दिल्ली पुलिस ने दंगा नियंत्रण के लिए वज्र वाहन, वाटर कैनन और अन्य आवश्यक वाहनों को अलग-अलग रणनीतिक स्थानों पर तैनात करने की तैयारी की है. नई दिल्ली के प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे. जरूरत पड़ने पर कुछ मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद भी किया जा सकता है.

इसके अलावा नई दिल्ली जिले में प्रवेश करने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर पुलिस की सघन जांच होगी. राजधानी में आने वाले लोगों की पहचान और सामान की जांच की जाएगी. आसपास के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके.

दिल्ली पुलिस ने भारतीय जनता पार्टी के केंद्रीय कार्यालय की सुरक्षा भी बढ़ाने का फैसला किया है. अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था भीड़ और हालात के अनुसार समय-समय पर बदली जा सकती है. पूरे घटनाक्रम पर वरिष्ठ अधिकारी लगातार नजर बनाए हुए हैं और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त बल भी तैनात किया जा सकता है.

सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने दावा किया कि सोमवार के मार्च से पहले ही जंतर-मंतर और उसके आसपास करीब 20 हजार लोग मौजूद थे. उन्होंने एक्स पर लिखा कि यह संख्या 20 जुलाई शुरू होने से पहले की है और सोमवार का दिन ऐतिहासिक होने वाला है.

पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बड़ा ऐलान किया
इसी बीच, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बड़ा ऐलान किया. उन्होंने कहा कि यदि सोमवार को विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात करते हैं और संसद के मानसून सत्र में शिक्षा में जवाबदेही का मुद्दा उठाने का आश्वासन देते हैं, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे.

जंतर-मंतर पहुंचीं कई राजनीतिक हस्तियां और कलाकार
रविवार को प्रदर्शन को कई राजनीतिक दलों और सार्वजनिक हस्तियों का भी समर्थन मिला. तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, माकपा नेता वृंदा करात, आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और गोपाल राय प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे. इनके अलावा अभिनेता शबाना आजमी और प्रकाश राज ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता दिखाई.

सौरभ भारद्वाज ने कहा कि 20 जुलाई का दिन ऐतिहासिक साबित होगा और केंद्र सरकार को झुकना पड़ेगा. वहीं गोपाल राय ने सोनम वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से हटाने की कार्रवाई की आलोचना करते हुए समर्थकों से अपील की कि सोमवार का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे.

शबाना आजमी ने कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत शुरू करने की अपील की है. अभिनेता प्रकाश राज ने 'जय भीम' के नारे लगाए और घोषणा की कि वह पूरी रात जंतर-मंतर पर रहेंगे तथा सोमवार को संसद मार्च में भी शामिल होंगे.

अभिजीत डिपके ने की रातभर जंतर-मंतर पर रुकने की अपील
सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके ने वीडियो संदेश जारी कर समर्थकों से पूरी रात जंतर-मंतर पर डटे रहने की अपील की. उन्होंने कहा कि अगर लोग रात में वापस चले गए तो प्रदर्शन समाप्त कराने की कोशिश की जा सकती है. उन्होंने कहा कि सभी लोग नियमों का पालन करें और सोमवार का मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रखें.

दीपके ने यह भी कहा कि भले ही पुलिस सोनम वांगचुक को अस्पताल ले गई हो, लेकिन उनका अनिश्चितकालीन अनशन अभी भी सफदरजंग अस्पताल से जारी है.

वांगचुक का संदेश- 'यह दूसरी आजादी की लड़ाई'
गीतांजलि आंगमो के माध्यम से सोनम वांगचुक ने सफदरजंग अस्पताल से समर्थकों के लिए संदेश भेजा. उन्होंने सोमवार के संसद मार्च को "भारत की दूसरी आजादी की लड़ाई" बताया. उन्होंने कहा कि यह आंदोलन परीक्षा प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं के खिलाफ न्याय और लोगों को भय से मुक्ति दिलाने के लिए है. उन्होंने सभी समर्थकों से संसद मार्च को सफल बनाने की अपील की.

पुलिस कार्रवाई की आशंका, संयम बरतने की अपील
सीजेपी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि संसद मार्च से पहले पुलिस कार्रवाई हो सकती है. संगठन ने आरोप लगाया कि इलाके में आंसू गैस के उपकरण पहुंचाए गए हैं और कुछ असामाजिक तत्व प्रदर्शन में घुसकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर सकते हैं. संगठन ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी उकसावे में नहीं आने और मार्च को शांतिपूर्ण बनाए रखने की अपील की.

एआईएसए का अनशन भी जारी
जंतर-मंतर पर ही एआईएसए के बैनर तले नेहा, मनीष और आमीन का अनिश्चितकालीन अनशन भी जारी है. नेहा ने आरोप लगाया कि रविवार को पुलिस ने उन्हें तीन-चार बार हटाने की कोशिश की, लेकिन छात्रों और समर्थकों ने मानव श्रृंखला बनाकर उन्हें वहां से हटने नहीं दिया.

20 जून से जारी है प्रदर्शन
सीजेपी 20 जून से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है. संगठन की मांग है कि नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं और प्रभावित छात्रों को न्याय मिले. इसी मांग को लेकर संगठन ने मानसून सत्र के पहले दिन यानी सोमवार को 'चलो संसद' मार्च का आह्वान किया है.