IIT रुड़की ने छात्रों को विरोध-प्रदर्शन से रोकने वाले कथित ईमेल पर अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि इस मामले में सामने आई कई मीडिया रिपोर्ट्स भ्रामक हैं. संस्थान के अनुसार, छात्रों और कर्मचारियों को भेजी गई सोशल मीडिया और सार्वजनिक गतिविधियों से जुड़ी एडवाइजरी कोई नया निर्देश नहीं थी, बल्कि हर साल जारी की जाने वाली एक नियमित आंतरिक सलाह का हिस्सा था. संस्थान ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स में इस एडवाइजरी को इस तरह पेश किया गया, मानो छात्रों को किसी भी तरह के विरोध-प्रदर्शन या अपनी राय व्यक्त करने से रोका गया हो. IIT रुड़की ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि एडवाइजरी का उद्देश्य शांतिपूर्ण और वैधानिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाना नहीं था.

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कैंपस के लिए जारी हुई थी एडवाइजरी

IIT रुड़की के मुताबिक, इस तरह की सलाह का मुख्य उद्देश्य कैंपस की सुरक्षा बनाए रखना, शैक्षणिक माहौल को प्रभावित होने से बचाना और संस्थान के नियमित कामकाज में किसी तरह की बाधा न आने देना है. संस्थान ने कहा कि सभी छात्रों और कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि वे सोशल मीडिया का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें और ऐसे किसी भी कदम से बचें जिससे संस्थान की व्यवस्था या सुरक्षा प्रभावित हो.

वायरल पोस्ट के आधार पर किया गया था दावा

हाल के दिनों में कुछ छात्र संगठनों और सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर यह दावा किया गया था कि संस्थान ने छात्रों को ऑनलाइन और ऑफलाइन विरोध-प्रदर्शनों से दूर रहने को कहा है. इन खबरों के बाद IIT रुड़की ने आधिकारिक तौर पर सफाई जारी करते हुए कहा कि एडवाइजरी को गलत संदर्भ में पेश किया गया है.

राय रखने से किसी ने नहीं रोका

संस्थान वापस से दोहराया कि वह छात्रों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान करते हैं लेकिन इसके साथ ही यह भी जरूरी है कि सभी गतिविधियां कानून, संस्थान के नियमों और कैंपस की सुरक्षा को ध्यान में रखकर की जाएं. IIT रुड़की का कहना है कि एडवाइजरी का उद्देश्य केवल जिम्मेदार आचरण को बढ़ावा देना और शैक्षणिक वातावरण बनाए रखना है, न कि किसी के शांतिपूर्ण अधिकारों को सीमित करना.

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