अयोध्य में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश सरकार जल्द नई SIT गठित कर सकती है. सूत्रों के अनुसार, आज या कल नई SIT का गठन हो सकता है. बताया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में नई SIT की अध्यक्षता एक वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे. सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ रेंज की IG किरण एस को नई SIT का प्रमुख बनाया जा सकता है. SIT में वित्त और प्रशासनिक विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किए जाने का संभावनाएं हैं.

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अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण में गठित होने वाली नई एसआईटी की कमान एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के हाथों में होगी. सूत्रों के मुताबिक, आईजी रेंज लखनऊ किरन एस को इस नई जांच टीम का अध्यक्ष बनाया जा सकता है. इसके अलावा एसआईटी में जांच को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए वित्त और प्रशासनिक विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी शामिल किए जाने की पूरी संभावना है.

पुरानी रिपोर्ट बनेगी जांच का हिस्सा

नई व्यवस्था लागू होने के साथ ही वर्तमान एसआईटी के अध्यक्ष लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव वित्त नील रतन को टीम से हटाया जाएगा. नई एसआईटी अपनी जांच की शुरुआत से पहले पुरानी एसआईटी द्वारा तैयार की गई जांच रिपोर्ट को अपनी तफ्तीश का हिस्सा बनाएगी. इससे पहले के साक्ष्यों का पूरा अध्ययन किया जा सकेगा.

जुलाई के अंत तक पूरी होगी जांच

नई एसआईटी मामले से जुड़े सभी पुराने और नए फैक्ट्स और सबूतों की दोबारा गहराई से तस्दीक करेगी. जांच प्रक्रिया को बिना किसी देरी के पूरा करने के लिए रफ्तार दी जाएगी. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस पूरे संवेदनशील मामले की फाइनल जांच रिपोर्ट इस महीने के अंत तक पूरी किए जाने की संभावना है.

आपको बता दें कि अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसआईटी (SIT) की जांच के आधार पर कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया है (जिनमें टिन्नू यादव, मनीष यादव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा और सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं). जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे व बैंक खातों से लगभग 80 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, आभूषण, गाड़ियां और प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट बरामद किए हैं. सीसीटीवी फुटेज में कर्मचारियों द्वारा पैसे छुपाने के सबूत मिलने के बाद ट्रस्ट की शिकायत पर ये FIR दर्ज हुई थी.

इसके अलावा दान प्रबंधन में लापरवाही और चूक के चलते श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी सवाल उठे हैं और इस मामले की जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है. सुप्रीम कोर्ट के हालिया सुझाव और निर्देशों के तहत अब इस पूरे मामले की जांच वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में नई एसआईटी गठित कर आगे बढ़ाई जाएगी.

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